OBC आरक्षण संसोधन बिल लोकसभा में पास। इन जातियों को हो सकता है लाभ?

इस विधेयक से राज्यों और केंद्र शासित प्रदशों को OBC लिस्ट तैयार करने का अधिकार मिलेगा. इसी साल 5 मई को सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण पर पुर्नविचार की याचिका पर सुनवाई करने की मांग खारिज कर दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि 102वें संविधान संशोधन के बाद OBC लिस्ट जारी करने का अधिकार केवल केंद्र के पास है।

इस बिल के कानून बनने का फायदा उन राज्यों में उन प्रभावशाली जातियों को होगा जो ओबीसी आरक्षण में शामिल होने की मांग कर रही हैं. जैसे- महाराष्ट्र में मराठा समुदाय और हरियाणा में जाट समुदाय, गुजरात में पटेल समुदाय और कर्नाटक में लिंगायत समुदाय को ओबीसी में शामिल होने का मौका मिल सकता।

कांग्रेस समेत 15 पार्टियों ने नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से पेश किये गये इस बिल को समर्थन दिया है. बिल को समर्थन देने वाली पार्टियों में कांग्रेस, द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (डीएमके), अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), शिव सेना, समाजवादी पार्टी (सपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम), राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), आम आदमी पार्टी (आप), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल), लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी), रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) और केरल कांग्रेस एम (केसी एम) शामिल हैं.